top of page


भीष्म १०८ सोमयाग परियोजना

भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम
(पूर्व: भीष्म स्कूल ऑफ इंडिक स्टडीज)




हमारा विचार: हमारी जड़ें-हमारी जड़ें हमें पंख देती हैं
हमारा दृष्टिकोण: भारतीय जीवन शैली दुनिया को वर्तमान संकट (दलदल) से बाहर निकालेगी और एक खुशहाल, टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाएगी।
हमारा मिशन: मानव जीवन के हर क्षेत्र में भारतीय जीवन शैली के पुनरुद्धार के लिए काम करना।
हमारे मूल्य:🌼 सम्मान 🌼 समावेशिता 🌼 पवित्रता 🌼 सत्यनिष्ठा
हमारे स्तंभ:🌼 भारतीय ज्ञान-विज्ञान 🌼 भारतीय आध्यात्मिकता 🌼 भारतीय जीवन शैली 🌼 भारतीय सांस्कृतिक मूल्य
ब्रांड का वादा:
'भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम' हमें भारतीय जीवन शैली की खोज करने, समझने और आत्मसात करने में मदद करता है ताकि आप एक सामंजस्यपूर्ण और खुशहाल जीवन जी सकें और भारत के प्राचीन ज्ञान के अमूल्य भंडार के माध्यम से भारत के पुनरुद्धार और धरती के शाश्वत भविष्य के लिये योगदान कर सकें।
'श्री भगवान वेदव्यास इतिहास अनुसंधान मंदिर', जिसे 'भीष्म' (BHISHMA) संस्थान के रूप में संक्षिप्त किया गया है, की स्थापना 1976 में इतिहासभूषण कै. श्रीपादजी कुलकर्णी द्वारा की गई थी। यह संस्थान कांची कामकोटि पीठम के प.पू. शंकराचार्य महास्वामी द्वारा आशीर्वादित और प्रेरित है।
'भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम' (BSIKS) इस यात्रा का अगला कदम है। संस्थान का मूल आदर्श वाक्य 'कल की बेहतर दुनिया के लिए प्राचीन भारतीय ज्ञान' है। प्राचीन काल से ही भारत को 'विश्वगुरु' के रूप में जाना जाता है। पिछले 50 वर्षों में समय बदल गया है और आज 2020 के दशक में पूरी दुनिया जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भारत से बेहतर विकल्पों का बेसब्री से इंतजार कर रही है। वे जानना चाहते हैं कि भारत क्या है। प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति के ज्ञान से बड़ी आशा पैदा हुई है। भारत और विदेशों में भारतीयों में भारत के बुनियादी और मूलभूत ज्ञान को जानने की प्रबल इच्छा है। उदाहरण के लिएः वास्तविक इतिहास, दर्शन, धर्म, धार्मिक और आध्यात्मिक अवधारणाएँ, प्राचीन सभ्यता, विरासत, कला और वास्तुकला, संस्कृति, प्राचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साहित्य, गणित, संगीत, अर्थशास्त्र, राजनीतिक प्रणाली, सामाजिक प्रणाली, स्वास्थ्य प्रणाली, कृषि और पर्यावरण प्रणाली, जीवन शैली आदि।
भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम को 'इंटरनेशनल एक्रेडिटेशन काउंसिल फॉर धर्मा स्कूल्स एंड कॉलेजेज (IACDSC)' से वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है।
संस्थापकः प्रो. क्षितिज पाटुकले
(विशेषज्ञ - सनातन वैदिक हिंदू ज्ञान परंपरा, भारतीय ज्ञान प्रणाली, भारतीय अध्ययन और हिंदू ज्ञान)
अधिक जानकारी के लिए: www.bhishmaiks.org अथवा www.bhishmasanatan.university
bottom of page